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पितà¥à¤¤ दोष के कारण शरीर में होती हैं ये 8 बीमारियां, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ से जानें इसका कारण और बचाव के तरीके
शरीर में पितà¥à¤¤ दोष के कारण कौन-कौन सी बीमारी होती है, इसके बारे में आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ से जानने के लिठपढ़ें ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल, ताकि बीमारियों से कर सकें बचाव।
वात, पितà¥à¤¤ और कफ के कारण शरीर में कई पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी होती है। जमशेदपà¥à¤° के बारीडीह के आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ डॉ. आनंद पाठक बताते हैं कि आरà¥à¤¯à¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में दोष को तीन à¤à¤¾à¤—ों में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है, जिनकी वजह से बीमारी होती है। वात में सीनियर सिटीजन को रखा गया है, जिसके कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ वात यानि गैस, गोड़ों में दरà¥à¤¦, गैस सहित इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी होती है। पितà¥à¤¤ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को रखा गया है, जिसमें उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ छाती की बीमारियां, सà¥à¤•िन पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® और डायबिटीज जैसी बीमारी होती है। वहीं कफ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रखा गया है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इससे संबंधित बीमारी होती है। आज के इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम पितà¥à¤¤ दोष के कारण शरीर में होने वाली बीमारी पर बात करेंगे। इसके बारे में अधिक जानने के लिठपढ़ें ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
तà¥à¤°à¥€à¤¦à¥‹à¤· सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबेहद जरूरी
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताते हैं कि आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में तà¥à¤°à¥€à¤¦à¥‹à¤· सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त का जिकà¥à¤° है। ये सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठकाफी जरूरी है। वात, कफ और पितà¥à¤¤ पर शरीर टिका हà¥à¤† है। हम जानेंगे कि पितà¥à¤¤ कà¥à¤¯à¤¾ है, कौन से रोग à¤à¤¸à¥‡ हैं जो पितà¥à¤¤ की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आते हैं। पितà¥à¤¤ यदि ठीक न हो तो शरीर में 40 पà¥à¤°à¤•ार के रोग हो सकते हैं।
पितà¥à¤¤ दोष के कारण आने वाली बीमारी
1. सिर दरà¥à¤¦ की बीमारी
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ बताते हैं कि सिर में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का दरà¥à¤¦, चाहे वो गरà¥à¤®à¥€ की वजह से à¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो रहा हो उसका कारण पितà¥à¤¤ दोष हो सकता है। इससे बचाव के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह ले सकते हैं।
2. गरà¥à¤¦à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताते हैं किगरà¥à¤¦à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी जैसे गरà¥à¤¦à¤¨ में जलन, खटà¥à¤Ÿà¥€ ढकारें, किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का अलà¥à¤¸à¤° पितà¥à¤¤ दोष के कारण होता है। इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ बीमारी का लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेना चाहिà¤à¥¤
3. पीलिया की बीमारी à¤à¥€ है पितà¥à¤¤ दोष का कारण
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताते हैं कि पितà¥à¤¤ दोष होने के कारण लिवर से संबंधित पीलिया की बीमारी हो सकती है। ये रोग à¤à¥€ इसी शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है, शरीर में यदि आपको इस पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾ हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लें।
4. सà¥à¤•िन में दाने व चकà¥à¤•ते और सफेद दाग
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ बताते हैं कि सà¥à¤•िन संबंधी बीमारी में आने वाले रोग जैसे सà¥à¤•िन में दाने और चकतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का आना या फिर सदेफ दाग की समसà¥à¤¯à¤¾ पितà¥à¤¤ दोष के कारण होने वाली बीमारी है। शरीर में यदि इस पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी है तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
5. मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ और पैनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताते हैं कि पैनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ की कमी à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष के कारण होने वाली बीमारी में आती है। मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण कोई à¤à¥€ गà¥à¤ªà¥à¤¤ रोग पितà¥à¤¤ दोष के कारण होते हैं। यदि आप à¤à¥€ इन बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेकर इलाज करवाà¤à¤‚।
6. नाà¤à¤¿ के आसपास मरोड़े आना
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताते हैं कि यदि आपको पेट दरà¥à¤¦, बà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग आदि की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो या फिर नाà¤à¤¿ के आसपास मरोड़े आठतो तमाम बीमारी पितà¥à¤¤ दोष की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आने वाली बीमारी होती है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
7. पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ दोष की समसà¥à¤¯à¤¾
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताते हैं कि नाà¤à¤¿ से नीचे की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ पितà¥à¤¤ दोष की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आती है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की बात करें तो शीघà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¨, सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨à¤¦à¥‹à¤· आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जो यà¥à¤µà¤¾ अवसà¥à¤¥à¤¾ में होती है वो इसी के कारण होती है। यदि आप à¤à¥€ इन बीमारियों से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लें।
8. महिलाओं की बीमारी
>आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯ बताते हैं कि महिलाओं में पीरियडà¥à¤¸ में अनियमितता, लà¥à¤¯à¥‚कोरिया की समसà¥à¤¯à¤¾, ओवेरी में छाले आदि की समसà¥à¤¯à¤¾ का कारण पितà¥à¤¤ दोष में गड़बड़ी का होना है। शरीर में इस पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेकर उचित इलाज करवाना चाहिà¤à¥¤
इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैसे किया जाठठीक
>à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताते हैं कि आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में कहा गया है कि आवंला खटà¥à¤Ÿà¤¾ होने के बावजूद पितà¥à¤¤ को खतà¥à¤® करता है। इसके लिठहमें आंवले का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करना चाहिà¤à¥¤ आप चाहें तो इसका मà¥à¤°à¤¬à¥à¤¬à¤¾, आचार, सूखा आंवला आदि का सेवन कर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठउठा सकते हैं। इसके अलावा चंदà¥à¤°à¤à¥‡à¤¦à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® आदि à¤à¥€ इस रोग में कारगर साबित होता है। वहीं आप चाहें तो शीतली या शीतकारी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठउठा सकते हैं। ठंडी तहसीर का पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर अनà¥à¤²à¥‹à¤® विलोम कर फायदा उठा सकते हैं।
शीतली पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¤¸à¥‡ करें
इसे करने के लिठà¤à¥€ आप पलथी मारकर बैठजाà¤à¤‚
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इसे नौ राउंड तक ही करें
इसके लिठजीठको बाहर निकालें, उसे गोल घà¥à¤®à¤¾à¤•र (टà¥à¤¯à¥‚ब) लंबी गहरी सांस लें और दाहिने नाक से सांस छोड़ें
अब इसी पà¥à¤°à¤•ार जीठको बाहर निकालें, उसे गोल घà¥à¤®à¤¾à¤•र लंबी गहरी सांस लें और बाà¤à¤‚ नाक से सांस छोड़ दें
इससे कूलिंग इफेकà¥à¤Ÿ फील कर पाà¤à¤‚गे, इसमें आप सांस को दोनों ही नाक से छोड़ें
रिलेकà¥à¤¸ करने के बाद दूसरे पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का रà¥à¤– करें
शीतकारी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें
जो लोग शीतली पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नहीं कर पाते हैं वो शीतकारी पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वो अपनी जीठको टà¥à¤¯à¥‚ब नà¥à¤®à¤¾ आकार नहीं बना पाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में वो इस पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को कर सकते हैं। इसे करने के लिà¤
उपरी जबड़े वाले दांत को नीचे के जबड़े वाले दांत से मिलाà¤à¤‚ लंबी गहरी सांस लें (सांस लेने के कà¥à¤°à¤® में सीटी जैसी आवाज आनी चाहिà¤)
दाहिने नाक को बंद करें व बाà¤à¤‚ नाक से छोड़ दें
à¤à¤¸à¤¾ करीब 5 बार करें
इसके बाद सांस लेने की इसी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को करें लेकिन बाà¤à¤‚ नाक को बंद कर दाà¤à¤‚ नाक से छोड़ें
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